PM Modi Assam Visit: हाईवे पर फाइटर जेट क्यों उतारे? चीन को क्या मिला संदेश? | Analysis
14 फरवरी को जब दुनिया वैलेंटाइन मना रही थी, PM मोदी असम में देश की सुरक्षा और सियासत का नया अध्याय लिख रहे थे। जानिए हाईवे पर फाइटर जेट लैंडिंग के पीछे की असली कहानी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी को असम के डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (Emergency Landing Facility - ELF) का उद्घाटन किया। नेशनल हाईवे पर सुखोई और राफेल जैसे फाइटर जेट्स की लैंडिंग ने न केवल भारत की सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया, बल्कि चीन सीमा (China Border) से सटे इलाकों में दुश्मन को कड़ा संदेश भी दिया।
पीएम मोदी ने इस दौरे पर असम को ₹5,500 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें ब्रह्मपुत्र नदी पर बनने वाला 'कुमार भास्कर वर्मा सेतु', IIM गुवाहाटी का अस्थाई कैंपस और अत्याधुनिक डेटा सेंटर शामिल हैं। यह दौरा सिर्फ विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक और सामरिक मायने भी हैं।
2026 में होने वाले असम विधानसभा चुनाव (Assam Assembly Election) से पहले भाजपा का यह 'मिशन पूर्वोत्तर' विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अपने भाषण में पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी और सुरक्षा पर जोर देते हुए विपक्ष की पुरानी नीतियों पर भी जमकर निशाना साधा।
About the Story:
Prime Minister Narendra Modi visited Dibrugarh, Assam on February 14th to inaugurate the North East's first Emergency Landing Facility (ELF) on a National Highway. Along with witnessing the landing of fighter jets like Rafale and Sukhoi, PM Modi launched development projects worth over ₹5,500 crores. This visit holds immense strategic importance regarding border security against China and political significance ahead of the upcoming Assam elections.
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